नमस्कार! दोस्तो आपका स्वागत है हमारी इस बेहतरीन पोस्ट पर इस बार हम आपके लिए लेकर आए है “Kharab Kismat Shayari” जिंदगी में कई बार किस्मत हमारा साथ नहीं देती। किस्मत कभी हमे खुशियां देती है और कभी दर्द का भी एहसास करती हैं।
इस पोस्ट में हम आपके लिए लेकर आए है दिल को छू लेने वाली Kharab Kismat Shayari जो आपको बहुत ही पसंद आएगी। इस पोस्ट में आपको Shayari के साथ बेहतरीन Photo भी मिल जाएंगे। आप इस बेहतरीन Shayari Collections में से जोभी Shayari पसंद आए उसे आपके Copy करके किसी भी Social Media Platform पर Upload कर सकते हो।
Kharab Kismat Shayari in Hindi

यकीन मानो दोस्तों मेरी बस,
सकल, किस्मत और जिंदगी खराब है, दिल नहीं..!
मिलना होगा हमारा
किस्मत में तो मिल ही जाएंगे
वर्ना कौन लड़ा है
इस किस्मत से, जो हम लड़ पाएंगे।
तकलीफ किस्मत में लिखी है
अपनो को दोष देना ठीक नहीं…
एक मोड़ तक आना और बिछड़ जाना
यही क़िस्मत तुम्हारी भी थी
और मेरी भी।
किस्मत और सुबह की नींद
कभी समय पर नहीं खुलती
हमेशा अचानक ही खुलती हैं।

तलब ऐसी लग रही कि सासों मैं समा लूँ तुम्हें,
और किस्मत ऐसी की देखने को मोहताज हूं मैं..
ये ज़रूरी तो नही ना कि
जिनके दिल में प्यार हो
उनकी किस्मत में भी प्यार हो।
मिलकर भी चाहत अधूरी रही
ह मेरी किस्मत बहुत बुरी रही
सांस जितना पास थे हम फिर
भी यार मिलो जैसी दूरी रहीं।
मैंने पूछा कहां हो तुम…?
उसने कहा तेरी रूह में
दिल में,सांसों में,यादों में
मैंने पूछा कहां नहीं हो…?
उसने कहा तेरी किस्मत में
मुझको किस्मत जमीन पे ले आई
मैं रहने वाला तो आसमान का हूं
और जुगनू सब बन गया हूं दोस्तों
मैं सूरज के खानदान का हूं।
Kharab Kismat Shayari 2 Line

किस्मत ने साथ नहीं दिया साहब,
वरना इश्क तो हमने भी जबरदस्त किया था।
सुनो किस्मत मे जो नही,
उनसे रूठा नही करते।
देखो तो यारों कैसी बदकिस्मत हमने पाई है,
हर बेवफा लड़की मेरे नसीब में ही आयी है।
ख़राब हम नहीं हमारी किस्मत है,
जहां भी जाते है अकेले ही रह जाते है
हम भी आएंगे तेरे नये आशिक से मिलने,
ज़रा हम भी तो देखे किस्मत वाले दिखते कैसे है।

बदकिस्मत था मैं जो हर जगह हारा,
मैंने जिसको चाहा उसने ही मुझे मारा।
जब मोहब्बत बेमिसाल हो,
तो समझ लेना वो किस्मत मे नही है।
खोना चाहता मैं तुझे किसी क़ीमत में नहीं,
मगर क्या करूँ जब तू क़िस्मत में नहीं।
मिलना था इत्तेफ़ाक बिछड़ना नसीब था,
वो इतना दूर हो गया जितने क़रीब था।
उसे किस्मत समजकर गले से लगाया था,
भूल गए थे किस्मत बदलते देर नहीं लगती।
किस्मत का खेल शायरी

थक गया हू मे सम्भाल तें सम्भाल तें
जिंदगी ये बता दे कितने ग़म लिखे हैं मेर नसीब मे
मेरा नसीब हे या कोई बस स्टैंड
हर mod पर इंतजार लिखा है
खुस तो वो हे जो अपने नसीब से राजी हे
खुस वो नहीं जिनका नसीब अच्छा है
जिंदगी तो किस्मत वाले जीते हैं
हम to बस काट रहे हे
मज़े हम दोनों बराबर ले रहे हैं
कभी मे तकदीर का कभी
तकदीर मेरा

यह दुनिया नहीं समझ पाएगी उस दर्द को
जिस मर्द से प्यार और तकदीर दोनों रूठी हुई हो
आगे का इतना भी मत सोचो की
अब का मज़ा ना ले पावों
किसी बेटे को बर्बाद करने se पहले
ये सोच लेना, माँ की बद्दुआ नशले बर्बाद कर देती है
सोचा था बहुत टूट कर चाहेंगे तुम्हें,
किस्मत तो देखो चाहा भी हमने और टूटे भी हम
कोई मुझे एकड़ दिखाए और मे
उसकी इज़्ज़त करती रहु किसी की इतनी भी अच्छी किस्मत नहीं है
तकदीर किस्मत शायरी

मेरा हिस्सा भी मेरे हिस्से में नहीं आता,
अब इसके सिवाय और क्या ही कहूँ,
की किस्मत खराब है।
मिलना था इत्तेफ़ाक बिछड़ना नसीब था,
वो इतना दूर हो गया जितने क़रीब था।
जिनका मिलना नहीं होता किस्मत में,
उनसे प्यार कसम से शिद्दत से होता है।
क़िस्मत के पन्नो की स्याही भी काली होती हैं,
किसी को बिन मांगे सब मिला,
किसी की झोली ताउम्र खाली होती हैं।
भाग्य बदल जाता है जब इरादे मजबूत हो वरना
जीवन बीत जाता है किस्मत को दोष देने में।

तुम मिले तो यूँ लगा हर दुआ कुबूल हो गयी,
काँच सी टूटी किस्मत मेरी हीरों का नूर हो गयी।
जो इंसान जिंदगी में कुछ नही करता है,
वो किस्मत को कोसता रहता है।
सच देखना भी हर किसी के वश में नहीं होता,
इंसान भी बेबस है अपनी किस्मत के आगे।
मिलकर भी चाहत अधूरी रही हैं,
मेरी किस्मत बहुत बुरी रही हैं,
सांस जितना पास थे
हम फिर भी यार मिलो जैसी दूरी रहीं।
किस्मत की लकीरें अब दर्द बयां करने लगी है,
जब से वो बेवफा मेरी जिंदगी से दूर गयी है।
Kharab Kismat Shayari on Life

यकीन मानो दोस्तों मेरी बस,
सकल, किस्मत और जिंदगी खराब है, दिल नहीं।
कुछ कहानियाँ अक्सर अधूरी रह जाती है
उन्हे पूरा कर पाना
कभी किस्मत मैं तो
कभी हमारी हद मैं नही होता..
तलब ऐसी है कि
तुम्हें अपनी साँसों में बसा लूं,
लेकिन किस्मत ऐसी है कि
तुझे देखने को भी मोहताज हूँ..!
ख्वाहिशे तो बहुत है दोस्तों..
फिलहाल अभी किस्मत और
हालात दोनों के सताएं हुए है।
किस्मत ने साथ नहीं दिया साहब,
वरना इश्क तो हमने भी जबरदस्त किया था….!!

अजीब सी किस्मत पाई है हमने ….
अपने मेहबुब कि कहानी उसकी मेहबुबा से सुनते हैं
जब मोहब्बत बेमिसाल हो….
तो समझ लेना वो किस्मत मे नही है…!!
जिंदगी में हिस्सा बनने की चाह थी,
मगर किस्मत ने किस्सा बनाकर छोड़ दिया…।
वादे पक्के थे बेशक उम्र कच्ची थी…..
किस्मत से हार गए वरना मोहब्बत सच्ची थी….!!
जिसका मिलना किस्मत में नहीं होती,
उससे मोहब्बत भी बेइंतहा होती हैं।
किस्मत ने उड़ाया मजाक शायरी

कहर हो बला हो जो कुछ हो
काश तुम मेरे लिये होते
मेरी किस्मत में गम अगर इतना था
दिल भी या रब कई दिये होते !!’
ख़राब हम नहीं हमारी किस्मत है
जहां भी जाते है अकेले ही रह जाते है!
मेरे लिखने से अगर बदल जाती किस्मत तो
हिस्से में तेरे सारा जहाँ लिख देती!
कल भी मन अकेला थाएआज भी अकेला है
जाने मेरी किस्मत ने कैसा खेल खेला है’!
सारा इल्जाम अपने सर ले कर
हमने किस्मत को माफ कर दिया!

जिंदगी और किस्मत से ज्यादा सवाल
करना फिजूल है भला सवाल किसे पसंद होते है!
वक्त और किस्मत पर कभी घमंड ना करे
सुबह उनकी भी होती है जिन्हें कोई याद नही करता!
तुझको मस्ज़िद है मुझको मयखाना
वाइज़ अपनी अपनी किस्मत है।
ये दिन भी देखना लिखा था मेरी क़िस्मत में
जो थे हबीबए हुए हैं रक़ीब ए जां लोगों!
थी सामने आलाइश ए दुनिया की भी इक राह
वो ख़ूबी ए क़िस्मत से ज़रा छोड़ गए हम !!’
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